कुर्ब-ए-कयामत एक बात तो वाजेह है जो हदीसे आप ने पढी है, उसे दज्जाली लश्कर इसाई और यहूदीयों ने भी पढी है, और उनको पुरा यकीन है अल्लाह के आखिरी नबी हजरत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम ने जो फरमा दिया वो हो के रहेगा इंशाअल्लाह 👉यहाँ क्लिक कर के पढ़े ऐतिहासिक "मस्जिद-ए-अल अक्सा" विवाद के कारण अफगानिस्तान हदीस को ध्यान मे रखकर दज्जाली लश्कर अपनी चाले चल रही है अफगानिस्तान की अहमियत को अमेरिका अच्छे से जानता है, इसलिये बिना किसी दुनियावी मफाद के कई सालो से अफगान मे घुसा हुआ था उसको मालूम था कि उसकी सुपर पावर हुकूमत को पैरो तले रौंदने वाला लश्कर इसी इलाके से निकलेगा ! मुल्क ए शाम ( सीरिया ) और उसको ये भी पता है कि मुल्क ए शाम ( सीरिया ) की क्या अहमियत है वो अच्छी तरह से जानता हैं कि हजरत मेंहदीं का हेडक़्वार्टर गोता मे होगा जो गोता को पुरी तरह बर्बाद करना चाहता है ! दज्जाली लश्कर सोच रहे है की हम अपनी ताकत के बदौलत सब बदल देगे ! लेकिन इंशाअल्लाह होगा वही जो हमारे प्यारे नबी हजरत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया है ! 👉यहाँ क्लिक कर के पढ़े बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि का पूरा ...