"सब्र का दुसरा नाम 'भारतीय मुसलमान" माननीय न्यायपालिका, क्या आपने भारतीय मुसलमानों सा कोई सब्र करने वाला देखा ? क्या आपने इनके जैसा कोई सहिष्णु समुदाय देखा ? क्या आपने इनके जैसा कोई संविधान का पालन करने वाला देखा ? क्या आपने इनके जैसा कोई न्यायालय पर विश्वास करने वाला देखा ? बाबरी मस्जिद अगर आपका जवाब है कैसे, तो सुनिए। इतिहास बताता है कि बाबरी मस्जिद वजूद के 40 साल बाद बाबर के ही पोते अकबर के कार्यकाल में गोस्वामी तुलसीदास के लिखे “राम चरित मानस” के बाद आज की अयोध्या का जन्म होता है, जहाँ बाबरी से दो किलोमीटर दूर एक क्षेत्र में महाराजा दशरथ का पूरा राजभवन भी बाबरी के सामने बनाया गया। अयोध्या के पश्चिमी छोर पर रामकोट मंदिर बनाया गया और यह अयोध्या में पूजा का प्रमुख स्थान बना , यह सभी को पता है कि रामकोट मंदिर इसलिए महत्वपूर्ण है कि यही माना गया कि यहीं पर राम का जन्म हुआ, यह अयोध्या ही नहीं अयोध्या आने वाला बच्चा बच्चा जानता है। राम तथा सीता का निज भवन जिसे कनक भवन के नाम से जाना जाता उसका निर्माण भी बाबरी की आँखों के सामने ही हुआ , फिर इसी अयोध्या में हनुमानगढ़ी मन्दिर, ...